एसडीएम करहल द्वारा हनुमान जी की मूर्ति को हटवाने का विरोध
मित्रों कल मेरे पैतृक गांव सिकंदरपुर पतारा मैनपुरी में एक बहुत ही अकल्पनीय दुखद घटना हुयी। इस घटना को रोकने के लिये बड़े भाई ने बहुत प्रयास किए किन्तु सरकार की निष्ठुरता और प्रशासन की निर्दयता के आगे कुछ नही कर सके... फिर भी मैं उनके इस प्रयास के लिये नतमस्तक हूँ....
![]() |
| श्री सत्यभान सिंह चौहान |
इस घटना पर मेरे बड़े भाई श्री सत्यभान सिंह चौहान (भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति) के क्या विचार हैं पढ़िये......
मेरे पैतृक गांव मैनपुरी पतारा सिकंदरपुर गांव में एक दुखद घटना हुयी जिसे देखकर हम आश्चर्यचकित रह गए, क्योंकि अगर सपा की अखिलेश सरकार या बीएसपी सरकार होती तो उम्मीद की जा सकती थी , लेकिन भाजपा सरकार वह भी योगीजी की सरकार में हमारे बजरंगबली की मूर्ति हटा दी गई, जिन्होंने मूर्ति लगवाई थी वह भाजपा के पूर्व सेक्टर प्रभारी और आरएसएस के सक्रिय सदस्य हैं और जहां भी प्रोग्राम होते हैं वहाँ उपस्थित होते थे उनका नाम विपिन चौहान है।
मूर्ति ऐसी जगह लगी हुई थी जो ग्राम सभा
की जमीन थी। और सभी लोगों को पता है कि हर
गांव में ग्राम सभा की जमीनों पर हजारों मकान बने हुए हैं,और देश के हर एक गाँव में ऐसा ही होता रहा है, और यह
जगह वह थी जिसमें उनके बाबा दादी और भी
पूर्वज वहां पर समाधि लिये हुए है। और
उनकी यादगार भी बनी हुई है। विपिन के
पिताजी मुन्ना चौहान ने वहां पर हरे हरे पेड़ लगा रखे हैं। और वह ग्रहस्थ जीवन को त्याग कर सन्यासी बन गए
हैं,
वह एक मूर्ति बजरंगबली की लगवा रहे थे। जिसे शासन प्रशासन ने जबरदस्ती कर कर हटवा दिया । मेरी बात आदरणीय बीजेपी मैनपुरी के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान जी से भी हुई , उन्होंने कहा कि मैं अभी एसडीएम साहब को बोल रहा हूं ऐसा नहीं होगा, हमारी बात मौजूदा प्रधान संतोष चौहान से भी हुई उन्होंने कहा चाचा पहले फोन करते तो हो जाता । लेकिन फिर भी मैं फोन करूंगा लेकिन उनसे भी नहीं हुआ । फिर हमारी बात जिला पंचायत उम्मीदवार शेर सिंह भदौरिया जी से बात हुई उन्होंने काफी कोशिश की वह गांव भी गए, लेकिन उनकी भी बात नहीं मानी।
फिर मैंने एसडीएम करहल रतन वर्मा जी से बात की , मैंने कहा मैं किसान आंदोलन में बिजी हूं गांव नहीं आ सकता, लेकिन यह भगवान की मूर्ति है उसको लगने दो वो उन्हीं की जगह है कई सालों से उनका कब्जा है। लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया, और मेरे ऊपर इल्जाम लगाने लगे कि आप तो मुझे धमका रहे हैं ।
इसकी भी रिकॉर्डिंग मेरे पास है कि हमने उनको धमकाया या उन्होंने मुझको, यहां तक कहा एसडीएम साहब ने कि आप से हम जल्दी मिलना चाह रहे हैं आप कब आएंगे ठीक है एसडीएम साहब हम जल्दी ही गांव आएंगे और आपसे मिलेंगे भी, आपने और आपके प्रशासन ने जबरदस्ती बजरंगबली जी की मूर्ति हटा दी, क्या यह सही किया प्रशासन ने ।
कई सालों से उनका कब्जा है उसमें उनकी पूर्वजों की यादगार बनी हुई है, मेरे पास एसडीएम साहब और करहल के प्रशासन की सभी रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, यह आपकी तानाशाही है एसडीएम साहब जो आपने विपिन चौहान को इतना धमकाया और कहा कि मैं तुझे जेल में सड़ा दूंगा केस लगा दूंगा, मैं तेरे साथ यह करूंगा वो करूंगा, तू सुधर जा मूर्ति हटा दे क्या-क्या कहा सब कुछ मेरे पास सबूत के तौर पर रिकॉर्डिंग में मौजूद है । हम यहां दिल्ली एनसीआर में रह रहे हैं जगह-जगह भगवान की मूर्ति लगी हुई हैं उनको भी लोग नहीं हटाते यह तो उनकी अपनी जगह थी । ग्रामसभा की भी हो तो भी क्या सरकार और प्रशासन की ऐसे ही चलेगी इसका जवाब जरूर दें...

1 Comments
Ye to bahut hi galat ho raha hai
ReplyDelete